बेटे को खोने का गम लेकिन केंद्र सरकार की कार्रवाई पर गर्व है राजेश नरवाल को
नेताओं द्वारा किए गए वायदे एक साल बाद भी अधूरे

सत्य खबर हरियाणा
Pahalgam terrorist attack : 22 अप्रैल 2025 का दिन कोई नहीं भूलेगा। जब कश्मीर घाटी के पहलगाम की खूबसूरत वादियों में आतंकी हमले में निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया और 26 मासूम जिंदगियां खत्म कर दीं। इसी हमले में हरियाणा के करनाल के सेक्टर-6 के रहने वाले नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल भी आतंकियों का शिकार हुए। विनय नरवाल की शादी को महज तीन दिन हुए थे। वह पत्नी के साथ हनीमून पर आए थे। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को गए एक साल बीत गया लेकिन जनप्रतिनिधियों का वादा अधूरा है। उन्हें न तो शहीद का दर्जा मिला और न ही उनके नाम पर मार्ग या स्कूल का नामकरण हो पाया है।

विनय के पिता राजेश नरवाल ने नम आंखों से अपने बेटे को याद करते हुए कहा कि विनय केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि उनके घर का ‘फरिश्ता’ था। उन्होंने बताया कि विनय ने अपने भविष्य और परिवार के लिए ढेरों योजनाएं बनाई थीं, जिन्हें उसने एक डायरी में भी दर्ज किया था। जब भी वह डायरी पढ़ते हैं, तो लगता है कि विनय ने जो सोच रखा था, उसे पूरा करना आसान नहीं। वह कहते हैं कि मैं कोशिश करता हूं, लेकिन पता नहीं कब इतनी हिम्मत जुटा पाऊंगा कि उसके सपनों को आगे बढ़ा सकूं। विनय अपने जीवन और आगे की योजनाओं के बारे में डायरी में लिखते थे। वह बताते हैं कि शादी से पहले दिल्ली में की गई शॉपिंग, रास्ते में परिवार के साथ की गई भविष्य की बातें और घर बनाने से लेकर आने वाले बच्चों के नाम तक। ये सब आज यादों का हिस्सा बन चुके हैं।
राजेश नरवाल कहते हैं कि परिवार के मुखिया होने के नाते उन्हें अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बेटी को संभालना पड़ता है, लेकिन अपना दुख किसी से कह पाना भी आसान नहीं। लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता ने कहा कि दुख की इस घड़ी में भी परिवार को भारतीय सेना और सरकार पर गर्व है। पिछले साल मई में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए। वहीं, राजेश नरवाल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ा सबक सिखाकर सरकार ने एक स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी जवाबी कार्रवाई के बाद दुश्मन दोबारा ऐसी हिमाकत करने से पहले सौ बार सोचेगा।
विनय के पिता की बड़ी घोषणा
बेटे की पहली बरसी पर सेक्टर-7 निवासी स्वर्गीय विनय के पिता राजेश नरवाल का कहना है कि सरकार जनता से जुड़े जिस भी संस्थान, चाहे मेडिकल कॉलेज, नए अस्पताल या किसी अन्य बड़े संस्थान को विनय के नाम पर करती है, तो वह अपनी संपत्ति में विनय का हिस्सा और सरकार से मिली आर्थिक मदद को उसके लिए दे देंगे। ताकि विनय के नाम पर चल रहे संस्थान से देशसेवा हो और वह लोगों की याद में ही बसे रहें।
नेताओं की वादाखिलाफी
22 अप्रैल को हुए हादसे के बाद से विनय नरवाल की श्रद्धांजलि सभा तक केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधायक, मेयर सहित अन्य नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कई दावे किए थे। परिवार और लोगों ने भी कई मांगें रखी थीं। पिता ने बताया कि अभी तक सरकार ने आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी दी है। शहीद का दर्जा देने पर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली। हिंद एंटी क्राइम आर्गेनाइजेशन ने सेक्टर-7 का एक चौक विनय के नाम रखने की मांग की थी।स्थानीय लोगों की ओर से सेक्टर-7 या 6 के सरकारी विद्यालय को लेफ्टिनेंट विनय के नाम पर करने की मांग उठाई थी। सेक्टर-7 की ग्रीन बेल्ट या पार्क को लेफ्टिनेंट विनय के नाम पर करने का सुझाव भी दिया गया था।
अब मेयर रेणू बाला गुप्ता कहती हैं, सेक्टर-7 में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के आवास को जाने वाली सड़क का नामकरण उनके नाम पर करने की योजना है। जल्द एलान कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एलान किया था, इसे पूरा करेंगे। विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि सड़क का नामकरण करना नगर निगम क्षेत्र का अधिकार है। संस्थान के नाम के लिए परिवार से बात करके उनकी सहमति ली जाएगी। प्रदेश सरकार स्तर पर भी इस विषय पर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे।
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